बुरहानपुर में आग का कहर: बरसात से पहले जुटाया चारा आग में जलकर हुआ स्वाहा, पशुपालकों पर संकट; लाखों का नुकसान
बुरहानपुर के मोरखेड़ा गांव में भीषण आग लगने से पशुओं के लिए जमा करीब 60 ट्रॉली चारा जलकर राख हो गया। हादसे में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। जिसके बाद दमकल और ग्रामीणों ने मशक्कत से आग पर काबू पाया।
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बुरहानपुर जिले के शाहपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भावसा के मोरखेड़ा में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पशुओं के लिए बड़ी मात्रा में जमा किया गया चारा अचानक आग की चपेट में आ गया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और करीब 60 ट्रॉली चारा जलकर राख हो गया। हादसे में लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग आग बुझाने में जुट गए।
जानकारी के अनुसार, ग्राम भावसा के गवली समाज के लोगों ने बारिश के मौसम को ध्यान में रखते हुए पशुओं के लिए पहले से ही बड़े पैमाने पर चारे का भंडारण किया था। पशुपालक वालजी गवली ने बताया कि किसानों के खेतों से खरीदकर करीब 60 ट्रॉली चारा एकत्र किया गया था, ताकि बरसात के दिनों में पशुओं को चारे की कमी न हो। लेकिन अचानक लगी आग ने कुछ ही देर में पूरे भंडारण को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भीषण थी कि दूर-दूर तक धुएं का गुबार दिखाई देने लगा।
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घटना की सूचना मिलते ही शाहपुर फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों और ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक पूरा चारा जलकर खाक हो चुका था। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार करीब डेढ़ लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।
मौके पर पहुंचे पटवारी शैलेंद्र गढ़वाल ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो आसपास के मकानों और खेतों तक भी आग फैल सकती थी। पीड़ित पशुपालकों ने शासन-प्रशासन से आर्थिक सहायता और मुआवजे की मांग की है। उनका कहना है कि चारा जल जाने से पशुओं के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है और आने वाले दिनों में पशुपालन करना मुश्किल हो सकता है।

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